शनिवार, 2 जुलाई 2022

अक्षरों के साये - अमृता प्रीतम

अक्षरों के साये [Aksharon Ke Saye]अक्षरों के साये [Aksharon Ke Saye] by Amrita Pritam
My rating: 3 of 5 stars

शब्दों में जादू सा कुछ है ....

जीवन के कुछ अध्यायों और अनुभवों को यहाँ साझा किया है, कुछ कविताएँ हैं ,कुछ शायरियाँ और बहुत कुछ जीवन का फ़लसफ़ा जो मन के भीतर ही भीतर जन्म लेता रहता है, पर कहने को शब्द नहीं मिलते। जीवन के उन छिपे हुए फलसफों को भीतर से निकालकर शब्द देने का प्रयत्न किया है।

भाषा शैली इतनी सुंदर है, कि एक बार पढ़ना आरम्भ करेंगे तो पढ़ते हुए उसमें खो जाएंगे।

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