शनिवार, 2 जुलाई 2022

चित्रलेखा - भगवतीचरण वर्मा

चित्रलेखाचित्रलेखा by Bhagwaticharan Verma
My rating: 4 of 5 stars

प्रश्न होता है - पाप क्या है? , गुरु अपने शिष्यों को लेकर संसार के दो अलग अलग क्षेत्र में जाता है, एक अनुराग का और विषय-भोग का क्षेत्र है जहाँ मदिरा से रत सामंत उनका स्वागत करता है, गुरु अपने एक शिष्य को वहां छोड़ते और आगे बढ़ जाते हैं.
दुसरे शिष्य को लेकर वे एक ऐसे क्षेत्र में आते हैं जहाँ विराग है, भोग का कोई स्थान नहीं है और वहां उसे विरागी जीवन जीने को छोड़ वे अपने क्षेत्र वापस आ जाते हैं.
दोनों शिष्य अपने अपने क्षेत्र का अनुभव कर वर्ष बाद अपने गुरु से भेंट करते हैं, और अपने अपने तरह से पाप क्या है?, उसका उत्तर देते हैं. गुरु अंत में उन्हें पाप और पुण्य का भेद बतलाते हैं.

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