
साकेत जी 'गंजहों की गोष्ठी' करवा रहे हैं जिसमें आज की राजनैतिक व्यवस्था को लेकर चर्चा केंद्र में है, और बहुत ही व्यंग्यात्मक लेखनी के साथ साकेत जी ने हमारे लोकतंत्र की वर्तमान व्यवस्था का वर्णन किया है।

दिग्विजय [Digvijaya] by गुरुदत्त My rating: 5 of 5 stars भगवान आदि शंकराचार्य जी ने पवित्र भारत भूमि के चारों दिशाओं की यात्रा कर वहाँ स्...
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